नई दिल्ली। गुजरात के स्थानीय निकाय चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के शानदार प्रदर्शन के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला है। शाह ने कांग्रेस की चुनावी हार पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब पार्टी गुजरात में 41 साल से चुनाव नहीं जीत पाई, तो क्या इसके लिए भी स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) को जिम्मेदार ठहराया जाएगा?
अमित शाह ने कांग्रेस को चुनावी नतीजों से सबक लेने और अपनी राजनीतिक रणनीति पर आत्ममंथन करने की सलाह दी। साथ ही उन्होंने दावा किया कि 2029 के लोकसभा चुनाव में भी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) बड़ी जीत हासिल करेगा।
गुजरात में BJP का शानदार प्रदर्शन
अमित शाह के मुताबिक, गुजरात में तीन स्थानीय निकायों की कुल 104 सीटों में से बीजेपी ने 90 सीटों पर जीत दर्ज की। वहीं, गांधीनगर नगर निगम की 44 सीटों में से 38 सीटें बीजेपी के खाते में गईं।
शाह ने दावा किया कि गांधीनगर में बीजेपी का वोट शेयर पिछले चुनाव की तुलना में 10 प्रतिशत बढ़ा है। उन्होंने चुनावी नतीजों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी की नीतियों के प्रति जनता के समर्थन का संकेत बताया।
इस प्रदर्शन के आधार पर गृह मंत्री ने विपक्षी दलों की चुनावी रणनीति पर भी सवाल उठाए और आम आदमी पार्टी के प्रदर्शन को लेकर निशाना साधा।
SIR पर राहुल गांधी को घेरा
चुनावी नतीजों के बाद अमित शाह के निशाने पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी रहे। उन्होंने SIR को लेकर कांग्रेस के रुख पर सवाल उठाते हुए कहा कि पार्टी को अपनी हार के लिए चुनावी प्रक्रिया को जिम्मेदार ठहराने के बजाय अपने प्रदर्शन की समीक्षा करनी चाहिए।
शाह ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी SIR के मुद्दे के जरिए घुसपैठियों को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। यह अमित शाह का राजनीतिक आरोप है, जिस पर कांग्रेस का पक्ष भी महत्वपूर्ण है।
गृह मंत्री ने गुजरात के साथ पश्चिम बंगाल और त्रिपुरा में कांग्रेस के कमजोर चुनावी प्रदर्शन का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पार्टी को लगातार मिल रही चुनावी हार से सबक लेते हुए जनता के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने की जरूरत है।
EVM के बजाय बैलेट पेपर का भी दिया उदाहरण
अमित शाह ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) को लेकर उठने वाले सवालों पर भी कांग्रेस को घेरा। उन्होंने कहा कि बैलेट पेपर से हुए चुनावों में भी बीजेपी जीत हासिल कर चुकी है।
उनके इस तर्क का उद्देश्य विपक्ष के उन आरोपों पर सवाल उठाना था, जिनमें चुनावी प्रक्रिया और EVM की विश्वसनीयता को लेकर संदेह जताया जाता रहा है।
शाह ने संकेत दिया कि चुनावी हार का कारण केवल चुनाव प्रणाली को बताने के बजाय राजनीतिक दलों को अपनी रणनीति और जनसमर्थन का आकलन करना चाहिए।
2029 के चुनाव को लेकर अमित शाह का बड़ा दावा
अमित शाह ने 2029 के लोकसभा चुनाव को लेकर भी बड़ा राजनीतिक दावा किया। उन्होंने कहा कि NDA आगामी आम चुनाव में भारी बहुमत के साथ सत्ता में वापसी करेगा।
शाह ने कांग्रेस को नकारात्मक राजनीति छोड़कर जनता से जुड़े मुद्दों पर ध्यान देने की सलाह दी। उनके बयान से साफ है कि बीजेपी आगामी चुनावों को लेकर विपक्ष पर राजनीतिक दबाव बनाए रखने की रणनीति पर आगे बढ़ रही है।
चुनावी जीत के बाद सियासी बयानबाजी तेज
गुजरात निकाय चुनाव के नतीजों के बाद बीजेपी और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। एक ओर बीजेपी अपने प्रदर्शन को जनता के समर्थन के रूप में पेश कर रही है, तो दूसरी ओर चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दे राष्ट्रीय राजनीति में बहस का विषय बने हुए हैं।
अब सवाल यह है कि क्या गुजरात में बीजेपी की जीत का असर राष्ट्रीय राजनीति पर भी पड़ेगा? और क्या कांग्रेस अपनी चुनावी रणनीति में बदलाव करेगी? इन सवालों के जवाब आने वाले चुनावों और दोनों दलों की राजनीतिक गतिविधियों से सामने आएंगे।